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यह वेबसाइट किस लिए है?

BhagwatGeetaBySun.com एक आध्यात्मिक एवं जीवन-मार्गदर्शन वेबसाइट है, जहाँ भगवद गीता के श्लोकों को सरल भाषा में समझाकर उन्हें आज के जीवन की वास्तविक समस्याओं से जोड़ा जाता है।

  • गीता के श्लोकों का व्यावहारिक अर्थ
  • तनाव, क्रोध और चिंता से मुक्ति
  • मन को शांत और स्थिर रखने की कला
  • कर्मयोग द्वारा सही निर्णय

What is BhagwatGeetaBySun.com?

BhagwatGeetaBySun.com is a spiritual and life-guidance website that explains the wisdom of the Bhagavad Gita in a simple, practical, and modern context to help people gain clarity, peace, and balance in life.

भगवद् गीता अध्याय 2 श्लोक 15

भगवद् गीता अध्याय 2 श्लोक 15

📜 श्लोक 2.15

यं हि न व्यथयन्त्येते पुरुषं पुरुषर्षभ।
समदुःखसुखं धीरं सोऽमृतत्वाय कल्पते।।

          

🌼 हिंदी अनुवाद:

हे अर्जुन! हे श्रेष्ठ पुरुष! जिसे ये (सुख-दुःख, शीत-उष्ण आदि द्वंद्व) विचलित नहीं करते, जो सुख और दुःख में समान रहता है, वह धीर पुरुष अमरत्व (मोक्ष) के योग्य होता है। ✨


🌺 विस्तृत व्याख्या :

भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन से कहते हैं 👇

🪷 1. जीवन में सुख और दुःख दोनों आते हैं:
संसार में कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं है जिसे केवल सुख या केवल दुःख मिले। दोनों का आना स्वाभाविक है — जैसे दिन के बाद रात आती है। 🌞🌙

🪷 2. जो व्यक्ति इनसे प्रभावित नहीं होता:
जो व्यक्ति इन परिस्थितियों में अपने मन को स्थिर रखता है — न अत्यधिक प्रसन्न होता है, न ही अत्यधिक दुःखी — वही सच्चा धीर (अडिग) व्यक्ति कहलाता है। 💪🧘‍♂️

🪷 3. धैर्य और समता का महत्व:
सुख और दुःख में समान रहना, यानी दोनों को ईश्वर की लीला मानकर स्वीकार करना, मोक्ष की ओर पहला कदम है। 🙏

🪷 4. अमृतत्व (मोक्ष) की प्राप्ति:
ऐसे धैर्यवान और समदर्शी व्यक्ति को मृत्यु के बाद अमरत्व — अर्थात् मोक्ष या मुक्ति प्राप्त होती है। 🌈💫


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💖 जीवन के लिए संदेश:

➡️ जब जीवन में कठिनाइयाँ आएं, तो घबराएं नहीं।
➡️ जब खुशियाँ आएं, तो अहंकार न करें।
➡️ दोनों को समान दृष्टि से देखें।
➡️ यही संतुलन आपको आंतरिक शांति और ईश्वर के करीब ले जाता है। 🌿✨


🌸 प्रेरणादायक पंक्ति :

> “सुख-दुःख में समान रहने वाला ही सच्चा विजेता है।” 💫

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