नाम नहीं, मूल्य युद्ध जीतते हैं। इस श्लोक में और भी महान योद्धाओं का उल्लेख है, जो यह स्पष्ट करता है कि धर्म की सेना केवल बाहुबल नहीं, चरित्र बल पर टिकी होती है।
| दुर्योधन पांडव पक्ष के प्रमुख योद्धाओं का क्रमवार वर्णन करता है। |
गीता 1:6 – युवा और तेजस्वी योद्धा
“युधामन्यु, उत्तमौजा और सुभद्रा का पुत्र अभिमन्यु भी उनके पक्ष में हैं।”
यह श्लोक बताता है कि पांडवों की सेना में अनुभव और युवा ऊर्जा दोनों का संतुलन है।
Geeta 1:6 और Teamwork
यह श्लोक बताता है कि अकेले नहीं, साथ मिलकर चलना ज़रूरी है। आज teamwork हर क्षेत्र में सफलता की कुंजी है।
Life Better कैसे करें?
- लोगों की मदद स्वीकार करें
- Collaboration को अपनाएँ
- अहंकार को रिश्तों में न आने दें
सहयोग जीवन को आसान और सुखद बनाता है।
👉 गीता 1:5 का पूरा अर्थ पढ़ें
👉 गीता 1:7 का पूरा अर्थ पढ़ें
Geeta 1:6 – FAQ
Q. इस श्लोक का मुख्य भाव क्या है?
A. पांडव सेना की शक्ति और विविधता।
Bhagavad Gita 1:6 – Identity and Division
Verse 1:6 lists groups and identities. Today, identity-based conflict divides societies worldwide.
When identity dominates values, unity collapses.
The Gita encourages awareness beyond labels.
Q: How do identities create conflict?
A: When labels replace shared humanity.
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