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यह वेबसाइट किस लिए है?

BhagwatGeetaBySun.com एक आध्यात्मिक एवं जीवन-मार्गदर्शन वेबसाइट है, जहाँ भगवद गीता के श्लोकों को सरल भाषा में समझाकर उन्हें आज के जीवन की वास्तविक समस्याओं से जोड़ा जाता है।

  • गीता के श्लोकों का व्यावहारिक अर्थ
  • तनाव, क्रोध और चिंता से मुक्ति
  • मन को शांत और स्थिर रखने की कला
  • कर्मयोग द्वारा सही निर्णय

What is BhagwatGeetaBySun.com?

BhagwatGeetaBySun.com is a spiritual and life-guidance website that explains the wisdom of the Bhagavad Gita in a simple, practical, and modern context to help people gain clarity, peace, and balance in life.

भगवद् गीता अध्याय 2 , श्लोक 63 – क्रोध से भ्रम और विनाश | श्रीकृष्ण का जीवन संदेश

क्रोध के बाद क्या बचता है? गीता 2:63 बताती है कि क्रोध से भ्रम, भ्रम से स्मृति-नाश और अंततः बुद्धि का पतन होता है। भगवद गीता 2:63 क्रोधाद्भवति संमोहः संमोहात्स्मृतिविभ्रमः। स्मृतिभ्रंशाद्बुद्धिनाशो बुद्धिनाशात्प्रणश्यति॥ भगवद गीता 2:63 में श्रीकृष्ण बताते हैं कि क्रोध से मनुष्य भ्रमित हो जाता है। भ्रम से स्मृति नष्ट होती है और स्मृति के नाश से बुद्धि का पतन होकर जीवन विनाश की ओर बढ़ जाता है। 📖 गीता 2:63 – श्रीकृष्ण और अर्जुन का संवाद अर्जुन: हे श्रीकृष्ण, यदि मनुष्य क्रोध में बह जाए तो उसका अंतिम परिणाम क्या होता है? श्रीकृष्ण: हे अर्जुन, क्रोध से मोह उत्पन्न होता है। अर्जुन: और मोह से, हे केशव? श्रीकृष्ण: मोह से स्मृति-भ्रंश होता है, स्मृति-भ्रंश से बुद्धि का नाश होता है। अर्जुन: यदि बुद्धि नष्ट हो जाए तो मनुष्य का क्या होता है, प्रभु? श्रीकृष्ण: जब बुद्धि नष्ट हो जाती है, तब मनुष्य अपने ही पतन का कारण बन जाता है। 🧠 क्रोध → मोह → स्मृति-भ्रंश → बुद्धि का नाश → पूर्ण पतन 👉 जो मन को नियंत्रित नहीं करता, वह स्...