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यह वेबसाइट किस लिए है?

BhagwatGeetaBySun.com एक आध्यात्मिक एवं जीवन-मार्गदर्शन वेबसाइट है, जहाँ भगवद गीता के श्लोकों को सरल भाषा में समझाकर उन्हें आज के जीवन की वास्तविक समस्याओं से जोड़ा जाता है।

  • गीता के श्लोकों का व्यावहारिक अर्थ
  • तनाव, क्रोध और चिंता से मुक्ति
  • मन को शांत और स्थिर रखने की कला
  • कर्मयोग द्वारा सही निर्णय

What is BhagwatGeetaBySun.com?

BhagwatGeetaBySun.com is a spiritual and life-guidance website that explains the wisdom of the Bhagavad Gita in a simple, practical, and modern context to help people gain clarity, peace, and balance in life.

काम और क्रोध कहाँ निवास करते हैं? मन, बुद्धि और इंद्रियों का रहस्य – भगवद गीता 3:40

प्रश्न: गीता 3:40 में काम के निवास स्थान कौन-से बताए गए हैं? उत्तर: गीता 3:40 में श्रीकृष्ण कहते हैं कि इंद्रियाँ, मन और बुद्धि — ये काम के अधिष्ठान हैं। इनके माध्यम से ही काम ज्ञान को ढककर मनुष्य को मोहित करता है। अगर इच्छा इतनी गहरी बैठी है, तो उस पर नियंत्रण कैसे पाया जाए? श्रीकृष्ण ने बताया कि इच्छा इंद्रियों, मन और बुद्धि में निवास करती है। अब गीता 3:40 में वे समाधान का क्रम बताते हैं — कहाँ से शुरुआत करनी है। 📘 अध्याय 3 – कर्मयोग (पूरा संग्रह): भगवद गीता अध्याय 3 (कर्मयोग) – सभी श्लोकों का सरल अर्थ व जीवन उपयोग इस अध्याय में कर्मयोग के सभी श्लोक क्रमवार दिए गए हैं, जहाँ निष्काम कर्म, यज्ञ भाव और कर्तव्य पालन को आज के जीवन से जोड़कर समझाया गया है। गीता 3:40 – आत्म-नियंत्रण का स्पष्ट क्रम गीता 3:39 में यह स्पष्ट हुआ कि इच्छा केवल भावना नहीं, बल्कि एक पूरा नियंत्रण तंत्र है। गीता 3:40 उस तंत्र को उल्टा करने की कुंजी देती है। 📜 भगवद्गीता 3:40 – मूल संस्कृत श्लोक इन्द्रियाणि मनो बुद्धिरस्याधिष्ठानमुच्यते । एतैर्विमोहयत्येष...