प्रश्न: गीता 3:23 में कर्म न करने के क्या परिणाम बताए गए हैं? उत्तर: गीता 3:23 में श्रीकृष्ण कहते हैं कि यदि वे कर्म करना छोड़ दें, तो सभी लोग उनके मार्ग का अनुसरण करेंगे। इससे समाज में अव्यवस्था फैल जाएगी और समस्त प्राणी नष्ट होने की स्थिति में आ जाएंगे। अगर मार्गदर्शक ही कर्म करना छोड़ दे, तो क्या होगा? कल्पना कीजिए कि जिनसे लोग सीखते हैं, जो उदाहरण बनते हैं, वे ही निष्क्रिय हो जाएँ। भगवद्गीता 3:23 इसी कल्पना को सामने रखकर कर्म की अनिवार्यता को स्पष्ट करती है। 📘 अध्याय 3 – कर्मयोग (पूरा संग्रह): भगवद गीता अध्याय 3 (कर्मयोग) – सभी श्लोकों का सरल अर्थ व जीवन उपयोग इस अध्याय में कर्मयोग के सभी श्लोक क्रमवार दिए गए हैं, जहाँ निष्काम कर्म, यज्ञ भाव और कर्तव्य पालन को आज के जीवन से जोड़कर समझाया गया है। गीता 3:23 – जब आदर्श कर्म न करे तो समाज क्या सीखता है? गीता 3:22 में श्रीकृष्ण बताते हैं कि उन्हें स्वयं कुछ भी प्राप्त करना शेष नहीं, फिर भी वे कर्म करते हैं। गीता 3:23 उसी विचार को एक निर्णायक तर्क में बदल देती है — यदि वे कर्म न करें, तो ...