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यह वेबसाइट किस लिए है?

BhagwatGeetaBySun.com एक आध्यात्मिक एवं जीवन-मार्गदर्शन वेबसाइट है, जहाँ भगवद गीता के श्लोकों को सरल भाषा में समझाकर उन्हें आज के जीवन की वास्तविक समस्याओं से जोड़ा जाता है।

  • गीता के श्लोकों का व्यावहारिक अर्थ
  • तनाव, क्रोध और चिंता से मुक्ति
  • मन को शांत और स्थिर रखने की कला
  • कर्मयोग द्वारा सही निर्णय

What is BhagwatGeetaBySun.com?

BhagwatGeetaBySun.com is a spiritual and life-guidance website that explains the wisdom of the Bhagavad Gita in a simple, practical, and modern context to help people gain clarity, peace, and balance in life.

काम रूपी शत्रु को कैसे जीता जाए? – भगवद गीता 3:41

प्रश्न: गीता 3:41 में काम पर विजय पाने का क्या उपाय बताया गया है? उत्तर: गीता 3:41 में श्रीकृष्ण अर्जुन से कहते हैं कि सबसे पहले इंद्रियों को वश में करो और इस ज्ञान-विज्ञान के नाश करने वाले महापापी काम को नष्ट करो। इंद्रिय-नियंत्रण ही काम पर विजय का पहला कदम है। अगर इच्छा शत्रु है, तो उसे हराया कब जाए – पहले या बाद में? अधिकतर लोग तब संभलते हैं जब नुकसान हो चुका होता है। भगवद्गीता 3:41 बताती है — विजय शुरुआत में ही तय होती है। गीता 3:41 – युद्ध की शुरुआत इंद्रियों से गीता 3:40 में श्रीकृष्ण बताते हैं कि इच्छा इंद्रियों, मन और बुद्धि में निवास करती है। अब गीता 3:41 में वे स्पष्ट आदेश देते हैं — सबसे पहले इंद्रियों को नियंत्रित करो। 📘 अध्याय 3 – कर्मयोग (पूरा संग्रह): भगवद गीता अध्याय 3 (कर्मयोग) – सभी श्लोकों का सरल अर्थ व जीवन उपयोग इस अध्याय में कर्मयोग के सभी श्लोक क्रमवार दिए गए हैं, जहाँ निष्काम कर्म, यज्ञ भाव और कर्तव्य पालन को आज के जीवन से जोड़कर समझाया गया है। 📜 भगवद्गीता 3:41 – मूल संस्कृत श्लोक तस्मात्त्वमिन्द्रियाण...